✨ श्रावण मास और सोमवार का आध्यात्मिक महत्व
श्रावण मास को भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। पूरे महीने भक्तगण “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के मंत्रों से शिवजी को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।
लेकिन श्रावण का अंतिम सोमवार विशेष रूप से शुभ और फलदायक माना गया है, क्योंकि यह संकल्प और समर्पण का अंतिम पड़ाव होता है।
- उदाहरण के लिए, शिव पुराण में इस दिन का विशेष उल्लेख मिलता है।
- इसके अलावा, श्रद्धालु इस दिन व्रत भी रखते हैं।
- अंततः, यह दिन शिव भक्तों के लिए आत्मिक लाभ का अवसर होता है।
- फिर भी, कुछ लोग इस दिन केवल जल अर्पण करके भी पुण्य प्राप्त करते हैं।
🙏 “श्रद्धा और भक्ति का चरम जब अंतिम सोमवार से मिलता है, तब शिव कृपा निश्चित होती है।”

📅 2025 में श्रावण का अंतिम सोमवार कब है?
इस वर्ष श्रावण का अंतिम सोमवार 4 अगस्त 2025 को पड़ेगा। इस दिन विशेष पूजन, व्रत और दान-पुण्य से भगवान शिव अतिप्रसन्न होते हैं।
✅ क्या करें – अंतिम सोमवार को?
1. शिव पूजन और रुद्राभिषेक करें
दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
2. “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें
कम से कम 108 बार जाप करने से मानसिक शांति और पुण्य प्राप्त होता है।
3. उपवास रखें (श्रद्धा अनुसार)
सात्विक फलाहार लें। बिना अनाज का उपवास विशेष फलदायक माना गया है।
4. दान और सेवा करें
गरीबों को भोजन, वस्त्र या जल दान करें। यह सेवा शिव भक्ति का ही रूप है।
5. संयम और सकारात्मकता बनाए रखें
शिव का स्वरूप ही संयम और साधना है — इसलिए मन, वचन और कर्म पर नियंत्रण रखें।
❌ क्या नहीं करें – अंतिम सोमवार को?
1. तामसिक भोजन और मद्यपान से बचें
मांसाहार, लहसुन-प्याज और नशा जैसे कार्य शिव उपासना के विरुद्ध माने जाते हैं।
2. क्रोध, झूठ और अपशब्द न बोलें
शिव भक्ति का मार्ग शांति और विनम्रता का है।
3. अशुभ विचारों से दूर रहें
अंतिम सोमवार आत्म-मंथन और सुधार का दिन है। नकारात्मकता से खुद को दूर रखें।
4. जल्दी न सोएं – शिव चालीसा पढ़ें
रात्रि में सोने से पहले शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र या रुद्राष्टक का पाठ करें।

🌿 शिव जी को प्रसन्न करने का सरल मंत्र
“ॐ नमः शिवाय”
इस मंत्र को दिल से जपें, भक्ति से शिव सब पापों से मुक्त कर देंगे।
🌼 अंतिम सोमवार का रहस्य – भक्ति या परीक्षा?
श्रावण का अंतिम सोमवार केवल एक धार्मिक दिन नहीं, बल्कि यह आत्मा की परीक्षा का दिन होता है। जो भक्त पूरे मास व्रत और साधना में लगे रहते हैं, उनके लिए यह दिन शिव से आत्मिक जुड़ाव और कृपा प्राप्त करने का अवसर होता है।
🕊️ “जो करता है अडिग विश्वास, उसे मिलती है शिव कृपा हर सांस।”
📌 निष्कर्ष (Conclusion)
श्रावण का अंतिम सोमवार एक आध्यात्मिक ऊर्जा का उच्चतम दिन होता है। इस दिन की गई सच्ची भक्ति, व्रत और सेवा शिव जी को अत्यंत प्रिय होती है। अगर आपने पूरे श्रावण मास में कोई सोमवार नहीं रखा, तो केवल अंतिम सोमवार का व्रत भी विशेष फलदायक माना गया है।
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